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Thursday, March 23, 2017
मां
सकल संसार मां से है, ये ममता प्यार मां से है।
ये हंसता खेलता पूरा, मेरा परिवार मां से है।।
मेरी छोटी सी ये दुनिया, सजाई है मेरी मां ने—
ये घर, घर है उसी मां से मेरा आधार मां से है।।
कवि सुदेश यादव जख्मी
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